गर्भवती तड़पती रही, दाई ने नहीं खोला दरवाजा

होली (चंबा)। स्थानीय सीएचसी में गंभीर हालत में पहुंचाई गई एक गर्भवती महिला की डिलीवरी एक डेंटल चिकित्सक को करवानी पड़ी। हैरानी की बात है कि इस दौरान अस्पताल में तैनात दाई डाक्टर के बुलाने पर नहीं आई और जब ग्रामीणों ने उसके क्वार्टर का दरवाजा खटखटाया तो उसने दरवाजा ही नहीं खोला। इस दौरान गर्भवती अस्पताल में दर्द से तड़पती रही। पहले तो डेंटल डाक्टर ने महिला को भरमौर रेफर कर दिया, मगर स्थिति खराब होती देख उन्हें मजबूरन इस केस को अपने हाथ में लेना पड़ा और कड़ी मशक्कत से गर्भवती व उसके नवजात को बचाया जा सका।
वीरवार को लामू गांव की गर्भवती बीना देवी को करीब चार बजे 108 एंबुलेंस के माध्यम से होली अस्पताल लाया गया। यहां पर महिला विशेषज्ञ तो दूर, एकमात्र एमबीबीएस डाक्टर भी छुट्टी पर था। केवल डेंटल डाक्टर ही ड्यूटी पर थे। गायनी का केस होने के कारण डेंटल डाक्टर ने पहले अस्पताल में तैनात दाई को बुलाया, मगर दाई नहीं आई। इस दौरान महिला को काफी समय तक दर्द को झेलना पड़ा।
जब ग्रामीणों ने दाई का दरवाजा खटखटाया तो उसने अपने रूम का दरवाजा तक नहीं खोला। इस बात को लेकर पीड़ित महिला के परिजनों ने अस्पताल के अंदर काफी हल्ला मचाया। माहौल खराब देखकर वहां पर पर तैनात डेंटल चिकित्सक प्रवीन ने गर्भवती महिला का उपचार किया। महिला के परिजनों भादर सिंह, जगदीश चंद, रत्न चंद और मदन लाल का कहना है कि बीना देवी काफी देर तक होली अस्पताल में दर्द से चिल्लाती रही, परंतु किसी ने भी उसकी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने कहा कि वहां पर उपस्थित डेंटल चिकित्सक प्रवीन ने दाई को बीना के देवी के उपचार के लिए कई बार संदेशा भेजा, परंतु दाई ने अपने रूम का दरवाजा तक नहीं खोला। मजबूर होकर डेंटल प्रवीन ने ही गर्भवती बीना देवी का उपचार किया। महिला के परिजनों ने मांग की है कि उस दाई के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ित महिला को 108 एंबुलेंस में तैनात ईएमटी धीरज व चालक राकेश ने मौके पर प्राथमिक उपचार दिया। उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी भरमौर डा. वरुण का कहना है कि अगर दाई की इस हरकत की लिखित शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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11 पंचायतों के लिए एक एमबीबीएस डाक्टर
होली की 11 पंचायतों की हजारों की आबादी की सेहत की देखभाल का जिम्मा एकमात्र चिकित्सक के हवाले है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने होली स्वास्थ्य संस्थान को तो सीएचसी का दर्जा दे दिया है। सीएचसी में अभी तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं की है। सीएचसी होली में चिकित्सकों के चार पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में तीन चिकित्सकों के पद खाली हैं। यहां सिर्फ एक एमबीबीएस चिकित्सक व एक फार्मासिस्ट तैनात है। इनके अलावा डेंटल चिकित्सक तैनात है। एमबीबीएस चिकित्सक के छुट्टी पर चल जाने पर डेंटल चिकित्सक को ही सब कुछ देखना पड़ता है। स्थानीय लोग कई बार चिकित्सकों की तैनाती की मांग कर चुके हैं।

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